मेरी बातें पढकर, तुम्हे मेरा हाल-ए-दिल पता चल जायेगाचेहरा जो ना देखा हो कभी, वोह भीड़ मैं भी दिख जायेगा
फिर तू पास आया दिल के दो कदम, या दूर जा सौ कदम लेकिन तेरी कदमो की आहात से हमहे, तेरा हाल-ए-दिल पता चल जायेगा&nb...
कभी अपने कल को देखकर , ये अहसास सा होता है छोटी सी उम्र मैं ही , दिल सबसे जवां होता है
बात होती है जब सिर्फ इशारों से , और आखों से हाल-ए-दिल बयाँ होता है और जब तक ना उठे ऊँगली, कुछ हासिल करने का फक्र कहाँ होता है&nb...
कभी ना था, हमें अपने आप से प्यार इतनापर जबसे चाह है तुमको, मौत से डरने लगे हैं हमकभी ना चाह था, अपने दोस्तों से ज्यादा किसी कोपर अब अपनी ही बात से मुकरने लगे हैं हमअब आपसे इकरार-ए-तमन्ना क्या रखें हम, आपकी एक मुस्कराहट के लिए, मरने...
तपते दिन लम्बी रातें
क्यों सुहानी लगती हैं
बचपन मे सुनी नानी की कहानी
क्यों अब पुरानी लगती है
कुछ बदल गया हूँ मैं
या जहाँ बदला बदला सा है
जो चेहरे पर सर्गुमा मुस्कराहट भी
अब बड़ी बेमानी लगती...